Wednesday, September 10, 2008

एकदम ब्रिलियंट


सर न्यूटन के सर में सेब गिरा था तो उनके ज्ञानचक्षु खुले और उन्होंने हमें गुरुत्वाकर्षण के बारे में बताया था। मुंगेर में आम के बाग में टहलते हुए मेरे सिर में एक पका आम गिरा था। मैं ज्ञान चंक्षु के बारे में तो नही कह सकता हॉं मेरे भौतिक चक्षु एक क्षण के लिए बंद हो गए थे। उस क्षण में मेरी क्षुधा जाग्रित हुई और ऑख खुलते ही मैं उस आम को खा गया। यह प्रकरण इसलिए याद आया कि अभी एक ऐसी चीज मेरी झोली में गिरी है जिसको मैं खा नहीं सकता। अब उसका क्या करूँ।

~nm ने Brilliante Weblog award मेरी झोली में डाला है। मैं उनके प्रति आभार प्रकट करता हूँ कि उन्होंने मेरे ब्लॉग को इस योग्य समझा। अवार्ड मिलने की प्रसन्नता तो है ही, साथ ही यह जान कर सुखद आश्चर्य हुआ कि अवार्ड के साथ नियमवाली भी है जिसमें यह बताया गया हे कि अवार्ड मिलने पर क्या करना है। मुलाहजा फरमाइये

"The Brilliant Weblog Award- a prize given to sites and blogs that are smart and brilliant both in their content and their design. The purpose of the prize is to promote as many blogs as possible in the blogosphere.

Here are the rules to follow:
When you receive the prize you must write a post showing it, together with the name of who has given it to you, and link back to them.

Choose a minimum of 7 blogs (or even more) that you find brilliant in content or design.

Show their names and links and leave them a comment informing them that they have been awarded with the ‘Brilliant Weblog’ award.

Show a picture of those who awarded you and those you give the prize (optional) to.

And the award goes to:

उडन तश्तरी
यह ब्‍लॉग समीर जी का है जो एक पहुँचे हुए लेखक हैं। लेखनी में धार ऐसी कि कब क्‍या छील लें पता ही नहीं चलेगा।

काव्‍यकला
सुलझे हुए वाक्‍य और काव्‍य पंक्‍तियॉं। दुरूहता का दूर दूर तक नामोनिशॉं नहीं।

ननिहाल
हिन्‍दी वर्णमाला सीखने-सिखाने के लिये बहुत ही रोचक विधि ।

दिल की बात
एक डॉक्‍टर के हृदयोद्गार।

मानसिक हलचल
विविध विषयों पर ज्ञानदत्त पाण्डेय का रोचक ब्लॉग| ब्‍लॉगनारा है - अटको मत। चलते चलो।

सब का मालिक एक है
संवेदनशील मुद्दों पर विचार विमर्श

Life and other such nonsense
यह व्‍लॉग अँग्रेजी में है। आप किसी भी मन:स्‍थिति में हों, यह ब्‍लॉग पढिए होंठों पर स्‍मितरेखा बरबस खिंच जायेगी।

10 comments:

~nm said...

हमेशा कि तरह लाजवाब :)

Ranjan said...

बधाई आपको ओर उनको भी जिन्हे आपने अवार्ड दिया..

प्रभाकर पाण्डेय said...

नमस्कार, अब मुझे क्या करना है, कृपया मार्गदर्शन करें। धन्यवाद।

Anil Pusadkar said...

anand aa gaya

डॉ .अनुराग said...

शुक्रिया आपने हमें इस लायक समझा .....हमें नही मालूम ऐसा भी कोई पुरूस्कार भी है ब्लॉग जगत में.......

Laxmi N. Gupta said...

मथुरा जी,

पुरस्कार के लिये बधाई और मेरे ब्लाग को पुरस्कार देने के लिये बहुत धन्यवा्द। मेरे ब्लाग पर पधारिये और लिंक्स की तरफ ध्यान दीजिये।

Shastri said...

अनुमोदन! बहुत अच्छे चिट्ठे चुने हैं आप ने!!



-- शास्त्री जे सी फिलिप

-- हिन्दी चिट्ठा संसार को अंतर्जाल पर एक बडी शक्ति बनाने के लिये हरेक के सहयोग की जरूरत है. आईये, आज कम से कम दस चिट्ठों पर टिप्पणी देकर उनको प्रोत्साहित करें!! (सारथी: http://www.Sarathi.info)

Tys on Ice said...

i will have to get madhu to translate that for me :)

keeping my fingers crossed abt wht u meant...

thanks papa

Udan Tashtari said...

बहुत बहुत आभार आपके इस स्नेह के लिए. मैं अपना कार्य कल करता हूँ. आपको बहुत बधाई!!

Gyandutt Pandey said...

ओह, धन्यवाद जी!